लंड गर्मी छोडने लगा था


Antarvasna,kamukta: रविवार का दिन था और उस दिन सब लोग घर पर ही थे मेरे बड़े भैया दिलीप घर पर थे दिलीप भैया ने मुझे कहा कि राहुल क्या आज तुम घर पर ही हो तो मैंने भैया से कहा कि नहीं भैया मैं आकाश को मिलने के लिए जाऊंगा। आकाश हमारी कॉलोनी में ही रहता है और वह मेरा बचपन का दोस्त है मैंने भैया से कहा कि भैया क्या कोई जरूरी काम था तो भैया ने मुझे कहा कि नहीं राहुल बस ऐसे ही तुमसे पूछ रहा था कि क्या तुम आज घर पर ही हो या कहीं जा रहे हो। मैंने भैया से कहा भैया आज तो मैं आकाश से मिलने के लिए जाऊंगा। दिलीप भैया ने पापा की मृत्यु के बाद ही घर की सारी जिम्मेदारी अपने कंधों पर ले ली थी भैया सरकारी स्कूल में क्लर्क हैं और भैया और भाभी ने ही मेरी देखभाल की है। भैया मुझसे उम्र में 10 वर्ष बड़े हैं पापा के देहांत के बाद भैया ने ही मेरे कॉलेज की पढ़ाई पूरी करवाई। मैं उस दिन आकाश से मिलने के लिए चला गया मैं जब आकाश के घर पर गया तो आकाश घर पर ही था मैंने आकाश के घर की डोर बेल बजाई तो आकाश की मम्मी ने दरवाजा खोला और कहा कि राहुल बेटा तुम कैसे हो? मैंने उन्हें कहा कि आंटी मैं तो ठीक हूं।

मैंने उन्हें पूछा कि क्या आकाश घर पर है तो वह मुझे कहने लगे कि हां बेटा वह घर पर ही है आकाश अपने रूम में था तो मैं आकाश के रूम में चला गया, आकाश मुझे कहने लगा कि राहुल मैं तुम्हारा ही इंतजार कर रहा था। अब हम दोनों के कॉलेज की पढ़ाई पूरी हो चुकी थी इसलिए हम दोनों अपनी नौकरी की तलाश में थे आकाश मेरे साथ कॉलेज में ही पढ़ता था। उस दिन हम दोनों साथ में बैठे हुए थे तो आकाश ने अपना कंप्यूटर खोला और हम लोगों ने उसमें जॉब सर्च करनी शुरू की हमने देखा कि उसमें कई सारे विज्ञापन थे जो कि नौकरी को लेकर ही थे। हम लोगों ने उनमें से कुछ के एड्रेस निकाल लिये और अगले दिन हम दोनों इंटरव्यू देने के लिए चले गए हम लोग जिस कंपनी में इंटरव्यू देने के लिए गए थे वहां पर हमारी नौकरी लग चुकी थी अब हम दोनों साथ में ऑफिस जाया करते और ऑफिस से साथ में ही घर लौटा करते। हम लोग जिस ऑफिस में जॉब करते थे उसमें ही कुछ समय पहले नौकरी करने के लिए संध्या आई थी संध्या ने कुछ दिनों पहले ही ऑफिस ज्वाइन किया था मैं संध्या को अक्सर देखा करता था तो यह बात आकाश को पता चल चुकी थी।

आकाश ने एक दिन मुझसे कहा कि तुम संध्या को अपने दिल की बात क्यों नहीं कह देते मैंने आकाश को कहा आकाश ऐसा कुछ भी नहीं है बस संध्या मुझे अच्छी लगती है आकाश कहने लगा कि तुम्हें एक बार तो संध्या से इस बारे में बात करनी चाहिए। हम लोग एक ही ऑफिस में काम करते थे इसलिए हम दोनों एक दूसरे से बात करते रहते थे लेकिन जब उस दिन मैंने संध्या से बात की तो मुझे भी उसकी आंखों में अपने लिए प्यार नजर आ रहा था। हालांकि उस दिन मैंने संध्या से कुछ भी नहीं कहा लेकिन जब भी हम दोनों साथ में होते है और साथ में बात करते तो मुझे ऐसा लगता कि जैसे संध्या मुझसे कुछ कहना चाहती हो लेकिन संध्या ने अभी तक मुझसे कुछ नहीं कहा था। एक दिन जब संध्या ने मुझसे अपने दिल की बात कही तो मुझे भी एहसास हो गया था कि संध्या मुझसे बहुत प्यार करती है मुझे तो लगा था कि शायद मैं ही संध्या को प्रपोज कर लूंगा लेकिन संध्या ने मुझे प्रपोज कर के हैरान कर दिया था। मुझे ऐसा लगा कि जैसे संध्या और मैं एक दूसरे के बिना रह ही नहीं सकते हैं हम दोनों एक दूसरे के लिए ही बने हैं। यह बात मेरे घर तक भी जा चुकी थी भैया को इस बारे में पता चल चुका था भैया ने मुझसे संध्या के बारे में पूछा और मुझे कहा कि क्या तुम से शादी करना चाहते हो तो मैंने भैया से कहा कि भैया हां मैं संध्या के साथ शादी करना चाहता हूं और वह मुझे बहुत पसंद है। भैया को भी इस बात से कोई आपत्ति नहीं थी मैं भी अपनी उम्र के 26 वर्ष में कदम रख चुका था और भैया ने भी संध्या के माता-पिता से इस बारे में बात की। संध्या मुझसे प्यार करती थी इसलिए उसने यह बात अपने माता-पिता को बता दी थी और अब हम दोनों की शादी होने वाली थी। कुछ समय बाद हम दोनों की शादी हो गयी हमारी शादी बड़े ही धूमधाम से हुई हमारे सारे रिश्तेदार भी शादी में आए हुए थे और सब लोग बहुत ही खुश थे। संध्या के साथ मेरी शादी होने के बाद संध्या ने ऑफिस छोड़ दिया था और वह घर का ही काम देखने लगी थी। हालांकि भाभी उसे कई बार कहती कि संध्या तुम नौकरी कर लो लेकिन संध्या ने घर का ही काम संभालना बेहतर समझा और संध्या भाभी का हाथ बढाने लगी थी।

हम दोनों के बीच बहुत ही प्यार है हम दोनों एक दूसरे के साथ बहुत खुश भी हैं हम दोनों का जीवन बहुत ही अच्छे से चल रहा था और सब कुछ हमारे जीवन में अच्छा हो रहा था। संध्या ने मुझे कभी भी सेक्स में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं होने दी। मैं जब भी ऑफिस से घर लौटा करता तो वह मेरा बहुत ध्यान रखती अभी कुछ दिन पहले मे ऑफिस से घर लौटा था तो उस दिन मैं काफी ज्यादा थका हुआ था। उस दिन संध्या ने मुझे कहा आज तुम बहुत ही ज्यादा थके हुए लग रहे हो। मैंने उसे कहा हां ऑफिस में कुछ ज्यादा ही काम था इसलिए मैं बहुत ज्यादा थक चुका था। संध्या ने मुझे कहा क्या मैं तुम्हारी पैर दबा दूं? संध्या मेरे पैर दबाने लगी तो मुझे बहुत अच्छा महसूस होने लगा था। मैंने संध्या को अपनी बाहों में ले लिया संध्या मेरे ऊपर से लेटी हुई थी। संध्या मुझे कहने लगी राहुल क्या हुआ तो मैंने उसे बताया बस ऐसे ही आज तुम्हें देखने का बहुत मन हो रहा था। काफी दिन हो गए तुम्हें अच्छे से देखा भी नहीं है संध्या मेरी आंखों में आंखें डाल कर देख रही थी उसकी झील सी आंखें मुझे अपनी और आकर्षित कर रही थी और मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे मुझे उसे चोदना चाहिए।

वह भी बहुत खुश थी जब संध्या ने लंड को अपने हाथ से दबाया तो मैं समझ चुका था कि उसका मन मेरे साथ सेक्स करने का हो रहा है। मैंने संध्या से कहा क्या तुम मेरे साथ सेक्स करने के मूड में हो संध्या मुस्कुराते हुए कहने लगी राहुल भला मेरा तुम्हारे साथ सेक्स करने का मन कब नहीं होता। मैंने  संध्या के होंठों को चूमना शुरू किया। संध्या ने जो नाइटी पहनी हुई थी उसे मैंने उतार दिया था उनकी नाइटी उतारकर मैंने जब उसके स्तनों को दबाना शुरू किया तो वह खुश होने लगी। मै उसके होठों को चूम रहा था  तो मुझे बहुत मजा आ रहा था उसके होठों को चूम कर मेरी गर्मी लगातार बढ़ती ही जा रही थी। मैंने संध्या से कहा मेरी गर्मी को तुमने बहुत ज्यादा बढ़ा दिया है वह मुस्कुराने लगी और कहने लगे राहुल तुम भी मेरी गर्मी को हमेशा बढ़ाते रहते हो। उसने मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर समा लिया जब वह मेरे लंड को अपने मुंह में ले रही थी तो उसे बहुत अच्छा लग रहा था। संध्या को मेरे लंड को अपने मुंह में लेने में बहुत मजा आता वह लंड चूसती तो वह खुश हो जाया करती और  उसने काफी देर तक लंड को सकिंग किया और मेरी इच्छा को उसने पूरा कर दिया था। अब मैंने उसके पैरो को खोला तो वह मुझे कहने लगी तुम मेरी चूत को चाट लो मैंने संध्या की चूत पर अपनी जीभ का स्पर्श किया और उसकी चूत के अंदर तक अपनी जीभ को डालकर उसकी चूत को महसूस करने लगा। मैं जब उसकी चूत के अंदर अपनी जीभ को डाल रहा था तो मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। मैंने उसकी चूत के अंदर अपनी जीभ को डाल दिया था जिससे कि वह बहुत ही ज्यादा खुश होने लगी थी अब वह बिल्कुल भी रह नहीं पा रही थी। मैंने भी संध्या से कहा तुम मेरी गर्मी को पूरी तरीके से बढ़ा चुकी हो वह कहने लगी मुझे बहुत अच्छा लग रहा है अब तुम अपने लंड को मेरी चूत में डाल दो। मैंने अपने लंड पर तेल की मालिश कर ली जिससे कि मेरा लंड कठोर हो चुका था।

अब मैंने उसे संध्या की चूत पर लगाया तो संध्या कहने लगी तुम मेरी चूत के अंदर लंड डाल दो मेरी चूत लंड लेने के लिए बेताब है। जैसे ही मैंने उसकी चूत मे लंड डाला तो वह चिल्लाने लगी। मैंने उसकी चूत के अंदर बाहर लंड को करना शुरू किया मुझे बहुत ही अच्छा लगने लगा। मुझे बहुत मज़ा आया और मुझे ऐसा लग रहा था बस मैं उसकी चूत के अंदर बाहर अपने लंड को करता ही रहूं। मेरा लंड उसकी चूत के अंदर तक प्रवेश हो चुका था जिससे कि मेरे अंदर की गर्मी अब बहुत ही ज्यादा बढ़ने लगी थी। वह कहने लगी मुझे बहुत मजा आ रहा है मैंने उसकी चूत के अंदर बाहर बहुत देर तक अपने लंड को किया जिससे कि मेरे लंड से गर्मी बाहर आने लगी की थी।

मेरे लंड से मेरी गर्मी बाहर आने लगी थी मैंने उसे कहा मुझे लग रहा है मेरा वीर्य जल्दी गिरने वाला है। वह कहने लगे मुझे भी ऐसा ही महसूस हो रहा है कि मेरी भी इच्छा पूरी हो चुकी है लेकिन जैसे ही मेरे लंड से मेरा वीर्रशय बाहर निकला तो मैंने उसे कहा अब तुम मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर चूसो। मैंने उसे अब डॉगीस्टाइल मे चोदना शुरु किया वह जोर से चिल्लाने लगी और मैं उसकी चूत के अंदर बाहर अपने लंड को करता तो उसकी चूतड़ों से जब मेरा लंड टकरा रहा था तो मुझे बहुत अच्छा लगता। मेरे अंदर एक अलग ही प्रकार की गर्मी पैदा होती जिससे कि मेरे अंदर की इच्छा बढ़ती ही जा रही थी और मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। वह भी बहुत ज्यादा खुश थी उसने मेरी इच्छा को बहुत ही अच्छे से बुझा दिया था।



Online porn video at mobile phone


bahansexkahanihindiक्सनक्सक्स कहानिया विथ सेक्सी फोटोजमाॅ की अधुरी ईच्छा चुदाई की कहानियाhijra sex storyगलती से चला गया अंदर sister xxxhindi saxy khani ma daday bata khet antarvasna marathi kathafirst time chudi lekin khun nahi aaya mera seal tuta tha hindi read kahanisavita bhabhi hindiantarvasna hinde storepron storyपापा को चुत चटवाईnew latest chudai ki kahanimast chudai kahani in hindiwww.barsat me sagi chachi ki chudai ki kahanichudai saasjabardasti chudai kahanidawar bhabie ke xxx kahniechudai ki kahamiyabhabhi ki mastani chutkahani chudai ki combhai behan chudaibhabhi ki chudai mammy dekh rahi h kahani part 4desi choot chudaiJethji se roj pyasi cut cudaimarwadi sex storykamukta.com bhtjibahan chudai ki gulamshubham and bhabhi ka romamssaas ki chudai kahaniWidhva Sali Ki chudayमोठी बहन xxx कहाणीvasana storybadi gand wali jai ji ki chudai kahaniMummy ne yoga sikh k chudavaya antarvasnasuhagraat ki chudai ki storyindian honeymoon sex storiesxxx vf चूत फटजती बोबली हिंदी मेhindi sexy onlinexxx mausi ki malish krke chodne ki kahaniyanew sexy kahaniya in hindibehan ko chodne ke tipsxxx kahani kamukcom with photobur ki mast chudaiindian mausi ki chudaichoot ki ladaichudai ki kahani hindi me freebhabhi ki kahani with photosuhagrat ki bfsonm ki sexy gaand mein lauda desi kahaniyanडाकटरचोदाईहिदीमेbhai ne gand marifull sexy romancenew sex chudaiअम्मी को बस लंड चाहिए फैमिली सैक्स स्टोरी हिंदीsex with dentist doctor story in hindibahan bhai ki chudai kahaniHindibhosdasexmera behan kajol ko chodaजबरजती छोटी लणकी को किया चोदाइporn story comsexy kahani hindi maiSexi chaci xxx video hit baalbhane ki Chuday jabrdast storichodai ki kahniकम उम्र में चुद गईhindi sex story chuthindi chudai batebadi didi ko ghodi bna ke choda kahaniपत्नी बेड पर नंगी लेटी थी और मेरा लन्ड बहन के सामने झूल रहा थाsexy devar bhabhimarathi sex kathaRandi maa ki pyaas part 12 sex storyदेसी ग्रुप सुहागरात सेक्सी व्हिडिओhindi sax kahaniaसाची की पंतय चुड़ै अंतरवासना स्टोरएसbhabhi ki chudai ki storiसेकस,कहानीया,दीदी,ने,सीखायाgali ke sath chudaiindian bhabhi hindi sex